।। जी करता है ।।
ज़ी करता है ।
कि मार जाऊ
जी करता है
किसी मे या
कहि में खो जाऊ
जिंदगी बन जाये
खोयी सी
सपने बन जाये
खोये से
याद जब आये
उनकी मूरत
बन जाऊं
न कह पाऊ
किसी से
न सुन पाऊ
किसी का
वो भौली सी
सूरत बन जाऊं
जी करता है।
मर जाऊ
सोचता हूँ
जाने के बाद
भुला न दे वो
कुछ ऐसा कर जाऊ
सिर्फ एहसास हो
जाए उनको कि
कोई देख कर जीता
था उनको
तो कोई देखने
के लिए रोता था
किसी कि सांसे
चलने की वजह
वह थी
किसी कि सांसे
रुकने की वजह
वह थी
किसी की धड़कन
वह थी तो
किसी का जीवनसाथी
बनने वाली वह थी
जी करता है
मर जाऊ
जी करता है
किसी मे या
कहि में खो जाऊ
जी करता है
उनकी सांसो में
खो जाऊ
उनकी यादों में
खो जाऊ
जी करता है
देखते देखते
ख्वाबो में उनके
मर जाऊ.....
नरेश शर्मा
-शायर तेरी नज़रो का
बूंदी राजस्थान
9610511411
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